भारत-जापान संबंधों की 75वी सालगिराह पर जापान विशेष एनिमेशन रामायण रिलीज़ करेगा

भारत और जापान दो घनिष्ठ मित्र हैं, जिनके आपसी संबंध हमेशा से प्रगाढ़ रहें हैं। अगर देखा जाए तो भारत के संबंध कई सौ साल पुराने हैं। क्योंकि बौद्ध धर्म चीन और दक्षिण से होते हुए जापान तक पहुंच गया था। यहीं आज भारत और जापान को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का कार्य कर रहा है।


भारत जापान के मध्य राजनयिक संबंधों की शुरूआत

हालाकि वैसे देखा जाए तो भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की शुरूआत 28 अप्रैल 1952 को हुईं थीं। 2022 में दोनों देशों के संबंधों को 75 वर्ष हों गए हैं। अपने संबंधों की 75 वी सालगिरह पर  दोनों देशों  ने एक प्रतीक चिन्ह भी जारी किया था। 

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जिस तरह से चीन का विस्तारवादी और गैर जिम्मेदार रवैया है। उससे भारत और जापान दोनों के संबंधों की अहिमियत बढ़ जाती है। क्योंकि जापान और भारत दोनों देशों के चीन के साथ संबंध ठीक नहीं हैं। जिसका कारण चीन का विस्तारवादी रवैया है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण तिब्बत, हांगकांग और चीन अधिकृत अक्साई चीन है। चीन दक्षिण चीन सागर में भी अपनी दादागिरि पर उतर आया है और अपने पड़ोसी समुद्री देशों को ताकत के दम पर दबा रहा है। 

भारत जापान संबंधों की 75 सालगिराह पर एनिमेशन फिल्म रिलीज़

यह कुछ कारण हैं कि भारत और जापान बहुत ज्यादा करीब आ रहें हैं। इन संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए जापान ने भारत में एनीमेशन रामायण फ़िल्म को दर्शाने का ऐलान किया। जिसको दोनों देशों के कलाकारों ने मिलकर तैयार किया है। जिसका शीर्षक रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम है। यह एक एनीमेशन फिल्म है, जिसको पहली बार 1992 में दुनिया भर में रिलीज़ किया गया था। हालाकि तब भारत में यह फ़िल्म रिलीज़ नहीं हो सकीं थी। इसके प्रोड्यूसर जापान के। विख्यात एनीमेशन फिल्म निर्माता यूगो साको हैं।

यूगो साको ने रामायण के बारे में एक दिलचस्प कहानी बताई हैं कि उन्होंने 1983 में पहली बार रामायण पर एक एक वृत्तचित्र फिल्म (Documentry film) के बारे में जाना था। तब उन्हें रामायण की कहानी बहुत पसंद आ गई थी और फिर इसके बारे में गहराई से शोध किया।

इन्होंने रामायण का अध्यन करने के बाद, वह अब इसे एनीमेशन फिल्म में बदल देना चाहते थे। क्योंकि वह रामायण के वास्तविक सार को दुनिया तक पहुंचाना चाहते थे। उनका मानना था कि राम भगवान हैं, इसलिए उन्हें एक अभिनेता के बजाय एनीमेशन में चित्रित किया जाये। क्योंकि एक मानव अभिनेता में मानवीय दोष शामिल होते हैं और एक एनीमेशन इन सबसे दूर होता है।

बैटमैन और सुपरमैन के डायरेक्टर को यूगो साको की रामायण पसंद आईं

यूगो साको की रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम एनीमेशन फिल्म  बैटमैन और सुपरमैन के डायरेक्टर जैक स्नाइडर  बहुत ज्यादा पसंद आईं थीं। जिसके परिणाम स्वरूप उन्होनें इस एनीमेशन फिल्म के 300 से ज्यादा सीन उधार ले लिए थे। जैक स्नाइडर ने कहा था कि वह महाभारत पर एक फिल्म आवस्य बनायेगे। 

रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम , भारत

भारत के सिनेमा हॉल में यह एनीमेशन फिल्म जापान और भारत की 70 वीं वर्षगांठ पर रिलीज़ की जायेगी। इसके साथ ही "रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम" में बड़े पैमाने पर सुधार किया जायेगा। इसके लिए भारतीय और जापान के  फिल्म कलाकार मिलकर कार्य कर रहे हैं। जिसमें भारत की ओर से निखिल कपूर राम के किरदार को आवाज देगें। 

जापान फिल्म उद्योग

जापान के फिल्म उद्योग को एनीमे के नाम से जाना जाता है। जिस तरह से हॉलीवुड और बॉलीवुड उद्योग को जाना जाता है।  भारत का बॉलीवुड फिल्म उद्योग जगत प्रसिद्ध है, जिसकी हर वर्ष फिल्म उद्योग राजस्व 2.83 बिलियन डॉलर रहती है। हालाकि अमेरिका के हॉलीवुड फिल्म उद्योग  का राजस्व 50.9 बिलियन डॉलर रहता है। चीनी फिल्म उद्योग 12.8 बिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है। जापान का एनिमे 2.3 बिलियन डॉलर के साथ चौथे पायदान पर है।

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