पाकिस्तान की आतंकी न्यूरोसाइंटिस आफिया सिद्दीकी, जो आतंक में भी पीएचडी डिग्री धारक है। अमेरिकी यहूदियों को बंधक बनाया।

पाकिस्तान का आतंकी चेहरा एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया। अमेरिका में शनिवार को एक यहूदी धार्मिक स्थल सेनेगॉग में चार लोगों को आतंकवादियों ने बंदी बना लिया था। उन्होंने चार बंदियों के बदले पाकिस्तान की अफिया सिद्दीकी को छोड़ने को कहा है, जो अमेरीका की जेल में बंद हैं। 

पाकिस्तानी आतंकी आफिया सिद्दिकी 

स्टन ग्रेनेड  की मदद से चारों यहूदियों को बचाया

लेकिन अमेरिकी सुरक्षा बलों ने एक स्टन ग्रेनेड की मदद से सभी को सकुशल बचाया। एक स्टन ग्रेनेड, जिसको फ्लैश ग्रेनेड, थंडर फ्लैश या साउंड बम के रूप में भी जाना जाता है  यह मानव शरीर के लिए कम घातक है। लेकिन यह ग्रेनेड कुछ समय के लिए दुश्मन की इंद्रियों को भटका देती है। इस ग्रेनेड की विशेषता है कि यह 7 मेगाकैंडेला (Mcd) के प्रकाश की एक अंधाधुंध फ्लैश और 170 डेसिबल (dB) से ज्यादा की  तीव्रता की ध्वनि उत्पन्न करता है। इसी का अवसर उठाकर अमेरीकी सैन्य बलों ने आतंकी मार गिराया और सभी चारों यहूदियों को बचा निकाला।

मारे गए व्यक्ति के बारे में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि वह एक ब्रिटिश नागरिक है। जिसका नाम अकरम मलिक है। जो टैक्सास आतंकी घटना के लिए जिम्मेदार है।

भारतीय पत्रकार सिद्धांत सिब्बल

पीएचडी धारक आतंकी आफीया सिद्दीकी 

आफीया सिद्दीकी एक पाकिस्तानी न्यूरोसाइंटिस्ट है और जिसे कई  आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाया गया। इस समय वह टेक्सास के फोर्ट वर्थ में फेडरल मेडिकल सेंटर, कार्सवेल में 86 साल की सजा काट रही है। दुनिया यह मानती है कि पढ़े लिखे मुस्लिम युवा आतंकी नहीं बनते हैं। लेकिन पाकिस्तान में सुन्नी मुस्लिम परिवार में जन्मी आफिया सिद्दीकी एक न्यूरोसाइंटिस्ट थी। किंतु वह अल कायदा के संपर्क में आने के बाद बेहद कट्टर बन गई। 

उस पर अमेरीकी प्रशासन की नज़र 9/11 के  हमलों के बाद पड़ी। अमेरीका की सर्वोच्च एफबीआई और न्याय विभाग ने मई 2004 में आफीया सिद्दिकी को "अल-कायदा के संचालक और सूत्रधार" के रूप में स्वीकार किया। 

2008 में, इसे अफगानिस्तान में हिरासत में लिया गया था। क्योंकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को उसके पास से हस्तलिखित नोट मिले थे। जिसमें तथाकथित "डर्टी बम" के निर्माण की चर्चा थी और जिसके तहत अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर अमेरीकी अफ़गान ठिकानों पर हमले करना था।

बेहद कट्टर आतंक समर्थक

आफीया सिद्दिकी आतंक की महिला सरगना है। इसकी कट्टरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक बार अमेरिकी अधिकारी एक साक्षात्कार कक्ष में पूछताछ कर रहें थे तभी इसने अमेरीकी सेना के अधिकारी की एम -4 राइफल छीन ली और अमेरिकी अधिकारियों पर गोली चलाने लगीं थीं।

पाकिस्तान के तात्कालिक पीएम का आफीया सिद्दिकी को समर्थन

जैसे ही अमेरिकी कोर्ट ने आफिया सिद्धिकी को 85 वर्ष की जेल की सजा सुनाई। उसके बाद पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। यहां तक पाकिस्तान के तात्कालिक प्रधानमन्त्री यूसुफ रज़ा गिलानी भी उसके समर्थन में उतर आएं थे। यूसुफ रज़ा गिलानी ने इस्लामिक आतंकी आफिया को "राष्ट्र की बेटी" तक कह डाला था। पाकिस्तान की सरकार ने कई बार उसको जेल से बाहर निकालने का प्रयास किए।

आफिया सिद्दिकी आतंक की ब्रांड एंबेसडर

आफिया सिद्दिकी आतंकी संगठनों के लिए बहुत ज्यादा मायने रखती है। यहीं कारण हैं कि अमेरीका में कई उसके समर्थक हैं। उन्हीं में एक ओहियो के व्यक्ति, जिसने सीरिया से आतंक का प्रशिक्षण लिया था और इसके बाद टेक्सास और संघीय जेल पर हमले की योजनाएं बनाई। संघीय जेल, जहां आफीया सिद्दिकी को रखा गया है। इस जेल पर हमले से आफिया सिद्धिको को छुड़ाना चाहता था। लेकिन अब्दिरहमान शेख मोहम्मद के इस व्यक्ति को भी पुलिस ने पकड़ लिया था और जिसकोर भी 2018 में अमेरिकी कोर्ट द्वारा 22 जेल की सख्त सजा सुनाई गई है।

इस्लामिक स्टेट का आफिया सिद्दिकी से लगाव

यह पाकिस्तानी आतंकी बेहद खतरनाक थी। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस्लामिक स्टेट ने अमेरिकी सरकार से एक अमेरिकी पत्रकार के बदले में आफीया सिद्दिकी की रिहाई मांगी थी। 


Post a Comment

Previous Post Next Post