इंडिया गेट से अमर जवान ज्योति का सदा के लिए अलविदा, अब नया पता राष्ट्रीय युद्ध स्मारक

भारत सरकार ने 26 जनवरी से पहले इंडिया गेट से अमर जवान ज्योति को हटाकर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की अमर जवान ज्योति  में शिफ्ट करने का निर्णय लिया। आज 21 जनवरी 2022 को अमर जवान ज्योति को नए बने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की अमर जवान ज्योति से मिलन करा दिया जायेगा। 


इसलिए 21 जनवरी का दिन भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। क्योंकि इंडिया गेट की ऐतिहासिक अमर जवान ज्योति कभी भी वहां नज़र नहीं आयेगी।अब इंडिया गेट पर शाश्वत लौ 50 साल बाद बुझ जाएगी और इसे निकटवर्ती राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शाश्वत लौ में मिला दिया जाएगा।

इंडिया गेट की अमर जवान ज्योति के बारे में

अमर जवान ज्योति की शाश्वत लौ को इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972 को इंडिया गेट के पास जलाया था। इसको उन वीर जवानों की याद में जलाया गया था। जिन्होंने बांग्लादेश की मुक्ति संग्राम में अपने प्राणों का राष्ट्र के लिए बलिदान दिया था। तब से आज तक, यह इंडिया गेट पर 50 वर्षों से जल रही है। लेकिन यह शहीद स्मारक अस्थाई तौर बनाया गया था। इसलिए अब इसका मिलन  राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के साथ होने जा रहा है। क्योंकि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक इंडिया गेट से मात्र 400 मीटर की दूरी पर स्थित है। 

इंदिरा गांधी भारत की भूतपूर्व पीएम

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक

भारत में पहले शहीद सैनिकों के कोई श्रेष्ठ स्मारक मौजूद नहीं था। केवल इंडिया गेट के पास अमर जवान ज्योति ही थी। जहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति देश के शहीद वीर सपूतों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते थे।  लेकिन भारत में मोदी सरकार आने के बाद इसपर बात आगे बढ़ी। मोदी मंत्रिमंडल ने 7 अक्टूबर 2015 को युद्ध स्मारक बनाने के लिए प्रस्ताव पारित कर दिया। स्मारक और संग्रहालय के निर्माण के लिए सरकार ने 500 करोड़ रूपए की मंजूरी दी। जिसमें स्मारक के लिए ही 176 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई। स्मारक का निर्माण कार्य 1 जनवरी 2019 को पूर्ण हुआ। हालाकि स्मारक के साथ संग्रहालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ था। 

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली, इंडिया गेट

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक उद्घाटन

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का 25 फरबरी 2019 को उद्घाटन  किया गया। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक अमर जवान ज्योति को भी प्रज्ज्वलित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के पहले पीएम हैं। जिन्होंने पहली बार 30 मई 2019 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर भारत के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यहां ख़ास बात है कि पीएम मोदी ने 30 मई 2019 को दूसरी बार भारत के प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली थी। 

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का प्रयोजन

इंडिया गेट के पास बना राष्ट्रीय युद्ध स्मारक भारत के शहीद जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि दे रहा है। क्योंकि यहां भारत का चीन और पाकिस्तान के साथ सशस्त्र संघर्षों, गोवा मुक्ति युद्ध 1961, कारगिल युद्ध, बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में शहीद जवानों के नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित हैं।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का पता 

सी हेक्सागोन, इंडिया गेट सर्कल, नई दिल्ली, भारत

डिजाइनकर्ता

योगेश चंद्रहासन, वेब डिज़ाइन लैब, चेन्नई

क्षेत्रफल

40 एकड़ भूमि


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