चीन पाकिस्तान को हाइपरसोनिक मिसाइल बेचने जा रहा, यह भारत के खिलाफ़ चीन की सबसे बड़ी चाल है

भारत को चीन से ओर ज्यादा सावधान रहने की जरुरत है। क्योंकि दुनिया में दो ही ऐसे देश हैं। जिन्होंने हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित कर ली है या वे अमेरिका , भारत और पश्चिमी देशों से हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के मामले में बहुत ज्यादा आगे निकल गए हैं। तो वे दो देश रूस और चीन हैं। जिन्होंने हाइपरसोनिक मिसाइल बना ली है। रूस हाइपरसोनिक मिसाइल के मामले में विश्व में सबसे आगे है।  जबकि चीन ने वर्ष 2021 में हाइपरसोनिक हथियार का परिक्षण किया था। जिससे पूरे अमेरिका और विश्व में खलबली मच गई थी। 


अब अमेरीका से एक खबर आ रही है कि चीन भारत के खिलाफ़ अपनी सबसे बड़ी चाल चलने जा रहा है। जिसके तहत् वह पाकिस्तान को हाइपरसोनिक मिसाइल चोरी छिपे देने जा रहा। जिसमें उसका साथ उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन देने वाला है। क्योंकि चीन के कारण ही उत्तर कोरिया ने भी हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित कर ली और उसने इस महाविनाशक हथियार के परिक्षण का भी दावा किया है। 

इंटरनेशनल असेसमेंट एंड स्ट्रैटेजी सेंटर, अमेरिका

दरअसल यह दावा अमेरिका के "थिंकटैंक अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन और सामरिक केंद्र" ने किया है। जिनमे रिचर्ड डी. फिशर ने इंटरनेशनल असेसमेंट एंड स्ट्रैटेजी सेंटर में सीनियर अधिकारी हैं।  उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस (संसद में) में चीन की सैन्य तैयारियों के बारे में गवाही दी है और बीजिंग के सशस्त्र बलों पर विस्तार से बताया है।


रिचर्ड डी. फिशर अमेरीकी चैनल डिफेंस न्यूज को बताया कि इस बात की बहुत ज्यादा संभावना है कि चाइना ने चोरी छिपे उत्तर कोरिया को अपने नए हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) मिसाइल वारहेड की तकनीक दी हों। उन्होंने आगे बताया कि चीन सीधे तौर पर पाकिस्तान को हाइपरसोनिक मिसाइल की तकनीक नहीं देगा। ताकि वह दुनिया व एमटीसीआर के आरोपों से बच सकें। लेकिन वह उत्तर कोरिया की सहायता से पाकिस्तान को हाइपरसोनिक मिसाइल बेच सकता है। जिसमें चीन की मिसाइल DF-17 सबसे ऊपर है। क्योंकि डीएफ 17 की मारक क्षमता लगभग 2500 किमी है और यह ध्वनि की गति से पांच से 10 गुना अधिक गति से चलती है।

चीन का हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन

चीन के ने पिछले वर्ष हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन का परीक्षण किया था। लेकिन वह पूरी तरह से सफ़ल नही हुआ था। लेकिन तब भी वह बहुत हद तक अमेरिका से आगे निकल चुका था। अगर हम हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन की बात करें तो यह एक प्रकार का हाइपरसोनिक हथियार ही है, जिसको एक बैलिस्टिक मिसाइल के ऊपर लगाया जाता है और उसे ऊपरी वायुमंडल में छोड़ा जाता है।


एक हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन एक प्रकार का हाइपरसोनिक हथियार है जो एक बैलिस्टिक मिसाइल पर लगाया जाता है और ऊपरी वायुमंडल में छोड़ा जाता। इसके बाद वह  अपने लक्ष्य पर ग्लाइड करता है और बड़ी तीव्र गति से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है।

भारत के खिलाफ़ साजिश

भारत ने रूस से एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीद लिया है। यहीं कारण है कि चीन पाकिस्तान को हाइपरसोनिक मिसाइल देने जा रहा है। क्योंकि भारत के पास  एस-400 आ जानें के बाद, भारत उपमहाद्वीप में सबसे शक्तिशाली देश बन गया। चीन पाकिस्तान को हाइपरसोनिक मिसाइल देकर शक्ति संतुलन साधने की कोशिश जरूर करेगा। इसलिए भारत को भी जल्द से जल्द हाइपरसोनिक हथियार विकसित करने होगें। यह बात भी है कि भारत भी हाइपरसोनिक हथियारों के मामले में पीछे नहीं है। वह ब्रह्मोस मिसाइल को एक हाइपरसोनिक मिसाइल में तब्दील करने की योजना पर कार्य कर रहा है। इसके अलावा भारत ने हाइपरसोनिक हथियार के मामले में रूस से भी सहायता मांगी है। 


अगले 2 वर्षों के अंदर भारत को हाइपरसोनिक मिसाइल बनानी ही होगी। क्योंकि बहुत चांस हैं कि चाइना इन्हीं 2 वर्षों के अंदर पाकिस्तान को हाइपरसोनिक हथियार मुहैया करा सकता है। लेकिन चीन की तरह भारत भी ऐसा ही कर सकता है। वह भी चीन के दुश्मन देशों को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को बेच सकता है। सबसे बड़ी बात है कि अगर अमेरिका और भारत में से किसी ने भी ताईवान को हाइपरसोनिक हथियार दे दिया। तब चीन क्या करेगा। क्योंकि चीन अमेरिका के खिलाफ़ उत्तर कोरिया को लेकर हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन दे चुका है। अमेरिका भी ताईवान को बेहद खतरनाक मिसाइल्स दे सकता है।

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