प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा के साथ साजिश, देश के इतिहास में एक ओर काला अध्याय बच गया जुड़ने से

आज भारत के इतिहास में एक ओर काला अध्याय जुड़ने से बच गया। अगर कुछ भी हो गया होता तो इस देश में बहुत बड़ा बबाल हो चुका होता। हम बात पीएम मोदी की सुरक्षा खिलवाड़ से कर रहे हैं। क्योंकि आज जो कुछ हुआ, हर भारतीय के लिए शर्म की बात है। कि हमारा पीएम अपने देश की सड़कों से कहीं जा भी नहीं सकता है। लेकिन इस सब के लिए पंजाब सरकार, वहां के डीजीपी और मुख्यमंत्री जिम्मेदार है।

हाईलाइट


1. पीएम मोदी का फिरोजपुर में कार्यक्रम
2.पीएम मोदी की हत्या की साज़िश
2. पीएम मोदी की हत्या की साज़िश
3. पंजाब के मुख्यमंत्री का गैर जिम्मेदार रवैया
4. गृहमंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी
5. देश ने अपने दो पीएम खोएं


पीएम मोदी का काफ़िला फ्लाईओवर पर

पीएम की हत्या की साजिश

आज पीएम मोदी पंजाब के शहर फिरोजपुर जा रहे थे। जहां वह 42,750 करोड़ रूपए की विकास परियोजनाओ की आधारशिला रखने वाले थे। जिससे फिरोजपुर के लाखों लोगों का जीवन बेहतर होता। लेकिन जब प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी पंजाब के भटिंडा पहुंचे। तो वहां का मौसम खराब था। 

तब यह तय किया गया कि वह सड़क मार्ग से राष्ट्रीय शहीद मेमोरियल का दौरा करेंगे, जिसमें दो घंटे से अधिक समय लगेगा। जोकि 2 घंटे का रास्ते था और डीजीपी पंजाब पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों की आवश्यक पुष्टि के बाद वह सड़क मार्ग से यात्रा करने के लिए आगे बढ़े।

लेकिन हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किमी दूर, जब पीएम का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो देखा गया कि वहां कुछ तथाकथित प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। जहां प्रधानमंत्री को 20 मिनट तक रुकना भी पड़ा था। इन 20 मिनट में देश हिल गया और देशवासियों को अपने पीएम की सुरक्षा की चिंता होने लगी थी। 

इसके अलावा इन 20 मिनट में कोई भी पीएम मोदी को हानि पहुंचा सकता था। क्योंकि चारों तरफ से भीड़ पीएम के काफिले को घेरे हुईं थीं और रोड को आम लोगों के लिए बंद भी नहीं किया गया था। जिससे कोई भी गाड़ी पीएम के काफिले से टकरा सकती थी। यह सब राज्य सरकार की नाकामी हैकि वह भारत के सर्वोच्च शक्ति या नेता को सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकीं। 

पंजाब मुख्यमंत्री का गैर जिम्मेदार रवैया

जब भारत के पीएम किसी राज्य में यात्रा पर जाते हैं। तब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। जिसमें पंजाब की चन्नी सरकार पूरी तरह से फैल रहीं है। जबकि पंजाब के सीएम कह रहें हैं कि पीएम ने अचानक सड़क मार्ग से फिरोजपुर जानें का निर्णय लिया था। लेकिन चन्नी साहब ने यह नहीं बताया कि पीएम मोदी के काफ़िले के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी पहले से तैयार रखा जाता है। बस उन्होंने कह दिया कि हम माफ़ी मांगते हैं कि पीएम मोदी की रैली कैंसिल हो गई है। 

गृहमंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी

पीएम की सुरक्षा में भारी चूक पर गृहमंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय ने पंजाब में आज की सुरक्षा भंग पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री के दौरे में सुरक्षा प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही पूरी तरह से अस्वीकार्य है और जवाबदेही तय की जाएगी।

देश ने अपने 2 पीएम खोए

हमारे देश में पीएम की सुरक्षा को राजनीति से दूर रखा जाता था। जब पीएम पश्चिम बंगाल जातें हैं तब वहां की सरकार उनको पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराती है। इसी तरह से केरल या उत्तर प्रदेश सरकार भी अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं। लेकिन इस बार पंजाब सरकार के ढुलमुल रवैया ने सारे प्रोटोकॉल पीछे छोड़ दिए हैं।

जबकि देश ने पहले भी अपने 2 पीएम खोयें हैं। जोकि कांग्रेस पार्टी से ही संबंधित हैं। जिनमें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी (31 अक्टूबर 1984 ) और उनके बेटे राजीव गांधी (21 मई 1991) शामिल हैं। इंदिरा गांधी को खालिस्तानी आतंकी संगठनों ने और राजीव गांधी को लिट्टे नाम के उग्रवादी संगठन ने मारा था। 

इसी तरह पीएम मोदी की जान को बहुत सारे आतंकी संगठनों से खतरा है। अनेकों बार उनको जान से मारने की धमकी दी गई हैं और देश के अंदर नक्सलवादी भी पीएम मोदी को मारना चाहते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा देश के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।



इसलिए भारत को अपनी पीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटना न दोहराई जाएं।


Post a Comment

Previous Post Next Post