खगोलविदो ने पहली बार दम तोड़ते तारे को देखा, पृथ्वी से 120 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर मरता हुआ तारा

खगोलीय इतिहास में पहली बार खगोलविदो ने एक तारे को दम तोड़ते हुए तथा उसमें विस्फोट होते हुए देखा है। जोकि एक एतिहासिक है। खगोलविदो ने एक दूरबीन की मदद से तारें में होने वाली असामान्य घटना क्रमों को पहले से ही समझ रहे थे। 

लाल सुपरजायंट तारा

इसको खगोलविदो ने धरती से दूरबीन की मदद से लाइव मरते हुए देखा है। जब एक तारा अपनी सारी हाइड्रोजन व हीलियम गैस का इस्तेमाल कर लेता है तो वह एक लाल सुपरजायंट स्टार में बदल जाता है। खगोलविदो ने एनजीसी 5731 आकाशगंगा में एक लाल सुपरजायंट स्टार का विनाश होते हुए देखा। जिसकी हमारी पृथ्वी से दूरी 120 मिलियन प्रकाश वर्ष है। विस्फोट के बाद, लाल सुपरजायंट तारा एक टाइप -2 सुपरनोवा में बदल गया। 

तारा का आकार अंत समय में

एक तारें में हाइड्रोजन और हीलियम गैस होती है, जिसको तारा अपने ईंधन के रूप में प्रयोग करता है। लेकिन जैसे जैसे हाइड्रोजन जलकर हीलियम में बदलती है। वैसे वैसे ही उसका आकार भी बढ़ने लगता है। इसीलिए जब इस तारें का आत्मविनाश हो रहा था तब इसका आकार हमारे सूर्य से 10 गुना ज्यादा था। जो हमारे पूरे सौर मंडल में फिट हो सकता है। 

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय 

अमेरीका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में नेशनल साइंस फाउंडेशन ग्रेजुएट रिसर्च फेलो के प्रमुख अध्ययन लेखक व्यान जैकबसन-गैलन ने प्रेस को बताया कि यह घटना हमारे लिए एक बड़ी सफलता है, जो हमें उत्तर देगी कि तारें मरने से पहले क्या करते हैं।

सीएनएन की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खगोलविदो ने लाल सुपरजायंट स्टार में 120 दिन पहले ही विशेष बदलाव देखें थे। जिसके कारण इस तारें में 2020 में तीव्र विकिरण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी पैन - स्टार्स टेलीस्कोप द्वारा देखें गए थे। लेकिन वर्ष 2020 के अंत में खगोलविदो ने उस तारें के स्थान पर एक सुपरनोवा देखा। जिसके चारों ओर मृत तारें की साम्रगी बिखरी हुई पड़ी थी। इस तारें के माध्यम से वैज्ञानिकों को तारों के जन्म, जीवन चक्र और मरण के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।

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