इंदिरा गांधी की तरह जस्टिन ट्रुडो ने कनाडा में इमरजेंसी घोषित की, आज 50 वर्ष पहले उनके पिता ने कनाडा में इमरजेंसी लगाई थी। World Affairs Prashant Dhawan sir

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रुडो ने अपने देश में हो रहे ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन से परेशान हैं। कनाडा में ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन की शुरुआत 22 जनवरी से हुई थी और 29 जनवरी, 2022 को कनाडा की राजधानी ओटावा तक पहुंच गए थे। जिससे प्रधानमन्त्री जस्टिन ट्रुडो और उनके परिवार को गुप्त जगह पर भेजना पड़ा था। 


अब ट्रक ड्राइवरों का प्रदर्शन कनाडा की सरकार का सिर दर्द बन रहा है। ओटाबा से निकलने के बाद दूसरे ट्रक ड्राइवरों का समूह भी शामिल हो गया। अब ये सभी प्रांतीय राजधानियों और अमेरिका से लगती सीमाओं पर इक्कठा हो गए हैं। जहां इन्होंने पुलों और सड़को पर कब्ज़ा कर लिया।  


कनाडा में हो रहे विरोध प्रदर्शनो से अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्योंकि दोनों देशों की सीमाओं से कई बिलियन डॉलर का व्यापार होता है। इसी के चलते जस्टिन ट्रुडो की सरकार ने कनाडा में इमरजेंसी एक्ट लागू करने का निर्णय लिया। जोकि करीब 50 वर्षों बाद लिया गया सबसे बड़ा निर्णय है। क्योंकि कनाडा और पश्चिमी देश इस तरह के निर्णय कभी नहीं लेते हैं। 

यह वही कनाडा है, जिसने भारत में हो रहे किसान आंदोलन का समर्थन किया था और भारत सरकार की आलोचना की थी। यह सीधे तौर पर भारतीय अंधरूनी मामलों में हस्तक्षेप था। भारत सरकार ने अभी तक ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन पर कुछ नहीं कहा है। ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन में भी बड़े पैमाने पर हिंसा हो रहीं है। जिस तरह से किसान आंदोलन में हिंसा हो रहीं थीं। किंतू भारत सरकार ने तब भी इमरजेंसी जैसे कदम को नहीं उठाया और न ही आंदोलनकारियों पर गोली चलवाने का आदेश दिया। जबकि भारत में एक पूर्ण बहुमत की सरकार है। तब भी उसने कानूनों को वापस ले लिया। दूसरी तरफ कनाडा की सरकार  ट्रक ड्राइवरों के आन्दोलन को इमरजेंसी और मार्शल लॉ से कुचल देना चाहती है। 

इमरजेंसी में कोर्ट तो चलते रहते हैं। जहां जाकर लोग जमानत ले सकते हैं। लेकिन मार्शल लॉ में तो कोर्ट कचहरी कुछ नहीं चलता है। सिर्फ़ चारों तरफ सेना का शासन होता। भारत में 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल घोषित किया गया था। तब से आज तक भारत में इमरजेंसी नही लगाई गई है। यहां तक बड़े बड़े प्रदर्शन हो जानें के बावजूद। 

कनाडा में पहली बार जस्टिन ट्रुडो के पिता और उस समय के कैनेडियन प्रधान मंत्री पियरे ट्रूडो ने अक्टूबर 1970 में लगाई थी। तब उन्होंने आपातकाल फ्रंट डे लिबरेशन डू क्यूबेक (FLQ) के कारण लगाया था। यह एक कनाडा का अलगाववादी संगठन था, जिसने 1970 में प्रांतीय डिप्टी प्रीमियर पियरे लापोर्टे और ब्रिटिश राजनयिक जेम्स क्रॉस का अपहरण कर लिया था।

भारतीय आपातकाल
मार्शल लॉ आर्टिकल 34
राष्ट्रीय आपातकालआर्टिकल 352
राष्ट्रपति शासन आर्टिकल 356
वित्तीय आपातकाल आर्टिकल 360
भारत में पहली बार राष्ट्रीय आपातकाल 25जून 1975, इंदिरा गांधी द्वारा
कनाडा में पहली बार राष्ट्रीय आपातकाल अक्टूबर 1970, वर्तमान पीएम जस्टिन ट्रुडो के पिता पियरे ट्रुडो द्वारा

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