अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के 7 बिलियन डॉलर हड़प करने जा रहा, बाइडेन ने 3.5 बिलियन डॉलर 11 सितंबर के आतंकी हमलों से पीड़ित लोगों में बांटने का ऐलान किया

अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान का सारा पैसा खाने जा रहा है। जो कि पूर्व अफ़गान सरकार द्वारा अमेरिका की बैंको में रखा गया था। लेकिन  15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा हो गया। जिससे अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान के कई अरब डॉलर पर रोक लगा दी थी।


अमेरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन 11 फरबरी 2021  शुक्रवार को एक निष्पादन आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान के केंद्रीय बैंक के 7 बिलियन डॉलर की संपति जमा है। इस पैसा का उपयोग बाइडेन अपने देश मानवीय सहायता के लिए और 11 सितंबर के आतंकी हमलों के पीड़ितों को वितरित करने की अनुमति दी गई। इस बारे में जब न्यूज सामने आई तो दुनिया भर में हड़कप मच गया। कि एक देश के लोग भूखे पेट मर रहे हैं और अमेरिका उन्हीं के पैसों को खुद खाने जा रहा है।

अफगानिस्तान का पैसा
अमेरिका में 7 बिलियन डॉलर
जर्मनी, यूएई और कतर2 बिलियन डॉलर
3.5 बिलियन डॉलर अफगानी पैसा अमेरिका 11 सितंबर के पीड़ितों को बाटेगा
तालिबान का कब्ज़ा 15 अगस्त 2021
अमेरीकी आक्रमण अफ़गानिस्तान पर7 अक्टूबर-17 दिसम्बर 2001
अमेरीकी राष्ट्रपतिजोए बाइडेन
अमेरिका अफगानिस्तान से निकलाअंतिम अगस्त 2021में

दूसरी ओर, तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने अमेरिका से अफ़गान बैंक के पैसों को मुक्त करने के लिए कहा था। इसके अलावा, विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने भी अफगानिस्तान के लिए लगभग 1.2 बिलियन डॉलर की सहायता राशि जमा कर दी है, क्योंकि तालिबान ने 15 अगस्त, 2021 को देश पर नियंत्रण कर लिया था।

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तालीबान पूरी दुनिया से गुहार लगा रहा है कि अफ़गान बैंक का पैसा वापस कर दो। जिससे आम अफगानी लोगों को भूख से बचाया जा सके। लेकिन पश्चिमी देशों को शक है कि तालीबान कहीं इस पैसें का उपयोग आतंकी गतिविधियों के लिए न करें।

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अफ़ग़ानिस्तान के 9 अरब डॉलर पूरी दुनिया की बैंको में रखें हैं। जिनमें अकेले 7 बिलियन डॉलर अमेरिका की केंद्रीय बैंक में हैं। इन्हीं 7 बिलियन डॉलर में से अमेरिका 3.5 बिलियन डॉलर 11 सितंबर के आतंकी हमले से पीढ़ित लोगों में बांटना चाहते हैं। जबकि अमेरिका ने इस हमले में पीढ़ित लोगों को कई मिलियन डॉलर दिए हैं। इसका आधा हिस्सा अफ़गानिस्तान की आम जनता के खर्च के लिए दिया जायेगा। जो विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूएन और दूसरी प्रमुख एजेंसियों द्वारा दिया जायेगा।

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अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार वैश्विक मान्यता और विदेशों में बसे अफगान सेंट्रल बैंक की कम से कम $ 10 बिलियन की संपत्ति को जारी करने की मांग कर रही है।  इसके अलावा, विश्व बैंक (WB) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी अफगानिस्तान के लिए लगभग 1.2 बिलियन डॉलर की सहायता राशि जमा कर दी है, क्योंकि तालिबान ने 15 अगस्त, 2021 को देश पर नियंत्रण कर लिया था।

संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार, अफगानिस्तान की इकॉनमी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और यहां के आर्थिक स्थिति बेहद बिकट हो चुकी है। क्योंकि लोग अब भूखे मरने लगें हैं। कोई अपने परिवार को पालने के लिए अपनी किडनी बेच रहा है और एक मां अपनी बेटी को 60 साल के बूढ़े व्यक्ति के हाथों बेच रहा है। इसी प्रकार की हृदय बिदारक समाचार अफ़ग़ानिस्तान से आ रही हैं।

अफ़गानिस्तान में किस कदर भूखमरी फैली हुई है। आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान की कुल आबादी 40 मिलियन है और इसमें करीब 37.7 मिलियोनू लोगों के पास खाने के लिए कुछ नहीं है। वर्ल्ड फूड संस्था के अनुसार, 23 मिलियन अफगानी लोग अकाल से तरस रहे हैं और करीब 9 मिलियन लोग तीव्र भूख से जूझ रहे हैं। 

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