अमेरिका ने पाकिस्तानी आतंकी राजदूत मसूद खान को ब्लॉक किया। अमेरिकी सांसद ने मसूद को आतंकियों का हमदर्द कहा

पाकिस्तान ने अमेरिका में अपना एक नया राजदूत मसूद खान को नियुक्त करने के लिए संस्तुति की थी और इसके लिए अमेरीकी सरकार के पास कागज़ भी भेज दिए गए। लेकिन जोए बाइडेन प्रशासन ने मसूद खान की नियुक्ति को ही ब्लॉक कर दिया। जिसका कारण संभवतया आतंकी संगठनों के साथ मसूद खान के संबंध रहें हैं।



अमेरिकी सांसद स्कॉट पैरी का राष्ट्रपति जोए बाइडेन को खत

पाकिस्तान के नए राजदूत पर अमेरिकी सांसद ही सवाल उठा रहें हैं। जिसमें अमेरिकी कांग्रेस सांसद स्कॉट पैरी ने कहा कि इमरान खान सरकार ने क्षेत्र में अमेरीकी हितों को कमजोर करने के लिए काम कर रहे एक सच्चे आतंकवादी हमदर्द का नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने कहा कि  इस्लामबाद ने मसूद खान को नए राजदूत करने की भावना, अमेरिकी भारतीय सहयोगियों की सुरक्षा के लिए एक खतरा है और इस्लामाबाद संयुक्त राज्य अमेरिका की निरंतर अवमानना करता जा रहा है।

भारत के प्रसिद्ध पत्रकार आदित्य राज कोल


हालांकि मैं इस बात से उत्साहित हूं कि विदेश विभाग ने कथित तौर पर मसूद खान को पाकिस्तान से नए राजदूत के रूप में मंजूरी देने पर रोक लगा दी है, यह विराम पर्याप्त नहीं है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप मसूद खान द्वारा प्रस्तुत किसी भी राजनयिक प्रमाण पत्र को अस्वीकार करें और इस जिहादी को संयुक्त राज्य अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत के रूप में स्वीकार करने के लिए पाकिस्तान सरकार के किसी भी प्रयास को अस्वीकार करें।


मसूद खान कौन है?

मसूद खान तथाकथित पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का राष्ट्रपति (2016-2021) रह चुका है। मसूद खान अगस्त 2003 से मार्च 2005 तक, पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के रूप में कार्य कर चुका है। जेनेवा में पाकिस्तानी राजदूत रह चुका, स्विट्जरलैंड में संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में स्थायी प्रतिनिधि के रूप में 2005 से 2008 तक काम किया। 2012 और  2015 के बीच संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में सेवाएं दे चुका है।

मसूद खान आतंकी हमदर्द  रहा

मसूद खान एक आतंकी सहानभूतिकर्ता है।  क्योंकि इसने यूएस से आतंकी महीला आफिया सिद्दिकी को मुक्त करने के लिए कहा था। अमेरीकी न्यायालय ने आफिया सिद्दिकी को 2010 में अमेरिकी सैनिकों की हत्या करने के प्रयास में दोषी ठहराया था। तभी से पाकिस्तान और आतंकी संगठन इसकी रिहाई के लिए प्रयास कर रहें हैं। अभी हाल ही में टेक्सस में एक यहूदी धार्मिक स्थल पर कुछ लोगों को एक पाकिस्तानी ब्रिटिश मूल के आतंकी ने बंधक बना लिया था। इस आतंकी ने यह सब आफिया सिद्दिकी को मुक्त कराने के लिए किया था।

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मसूद खान के आतंकी संगठनों से संबंध

स्कॉट पैरी ने  जोए बाइडेन को लिखे पत्र में कहा कि मसूद खान ने पाकिस्तानी आतंकियों और विदेशी आतंकी संगठनों की प्रशंसा की है। जिसमें हिज्बुल मुजाहिदीन, और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के साथ संबंध हैं। इसके अलावा मसूद खान बुरहान वानी जिहादी का सहानभूतिकर्ता रह चुका है। इसके अलावा इसके अलकायदा जैसे अंतरराष्ट्रीयजिहादी संगठन के साथ संबंध रहें हैं। जिनमें ओसामा बिन लादेन भी शामिल है।

पाकिस्तान पर चीन समर्थन भारी पड़ेगा

इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तान पूरी तरह से अमेरिका के खिलाफ़ हो गया है और चीन का बड़े पैमाने पर समर्थन कर रहा है। हालाकि यह पाकिस्तान जैसे भिखारी देश के लिए खतरे से खाली नहीं है। क्योंकि अभी अमेरिका पाकिस्तान को अपनी थोड़ी भी सख्ती नहीं दिखा रहा है। लेकिन अगर अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ़ सख़्त कदम उठाए। तो इससे पाकिस्तान पूरी तरह से बर्बाद हो सकता है। अमेरिका के पास अभी इतनी शक्ति है कि वह पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की काली सूची में भी डलवा सकता है और यदि इसके बाद चीन ने पाकिस्तान की आर्थिक मदद नहीं की। तो पाकिस्तान न घर का रहेगा और न घाट का रहेगा।

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अमेरिका द्वारा पाकिस्तानी राजदूत की नियुक्ति पर रोक लगाना। पाकिस्तान सरकार को एक चेतावनी हो सकती है। एक बार हो सकता है कि अमेरिकी सरकार मसूद खान को अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत के रूप में स्वीकार न करें।

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