रशिया और यूक्रेन के बीच युद्ध का बिगुल बज गया, जंग विश्व युद्ध तक जायेगी, भारत जंग में कहां खड़ा। World Affairs gk in hindi

आज रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार सुबह को एक टेलीविजन भाषण द्वारा पूर्वी यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान का ऐलान कर दिया। दूसरी तरफ यूक्रेन ने सुबह ही कह दिया था कि रूस ने बड़े पैमाने पर आक्रमण कर दिया है। रूसी आक्रमण को देखते हुए, यूक्रेन की सरकार ने पूरे देश में मार्शल लॉ लगा दिया और रूस से आखिर तक लड़ने का ऐलान किया। 


बीबीसी और एपी न्यूज के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति के ऐलान के बाद से ही यूक्रेन के कई शहरों में विस्फोट की आवाजें सुनाई पड़ी हैं। इस बात को यूक्रेन की सरकार ने भी पुष्टि कर दी है। इसके अलावा अब यूक्रेन के शहरों पर रूसी बैलेस्टिक मिसाइलों की आवाजें आ रहीं हैं। 

यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने बड़े स्तर पर मिसाइल अटैक किया है। इस मिसाइल अटैक में कीव एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। इससे पुरा एयरपोर्ट बर्बाद हो गया। रूस ने पहले से ही रणनीति बना रखी है कि यूक्रेन की पूरी एयर शक्ती को बर्बाद कर देना। ताकि उसकी एयरफोर्स ज्यादा कुछ न कर सके।

रूस ने यूक्रेन पर तीन तरफ़ बेलारूस, क्रिमिया और रूसी सीमा की ओर से हमला किया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रूस की नौसेना के मरीन सैनिक यूक्रेन के ओडेशी शहर से यूक्रेन में घुस चुके हैं। दूसरी तरफ रूसी पैदल सेना  क्रिमिया, डोनेट्स्क और लुहान्स्क की ओर से भी यूक्रेन में घुस गई। 

ग्लोबल मार्केट फ़ोरम

रूसी आक्रमण पर पश्चिमी देशों का रूख देखना होगा। क्योंकि अगर पश्चिमी देश यूक्रेन की रक्षा के लिए आते हैं तो यह युद्ध सीधे विश्व युद्ध में तब्दील हो जायेगा। नाटो ने शाम 4 बजे सभी सहयोगी देशों की मीटिंग बुलाई है। जिसमें तय किया जायेगा कि नाटो रूस के खिलाफ़ युद्ध का ऐलान करता है या यूक्रेन को अप्रत्यक्ष रूप से हथियार मुहैया करायेगा। 

अमेरीकी राष्ट्रपति जोए बाइडेन ने रूसी हमलों की निंदा की है और कहा कि हम अपने जी 7 सहयोगियों के साथ रूस पर गम्भीर प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने यूक्रेनियन पीएम जेलेंसकी से फोन पर बात की। इस बात चीत में ब्रिटिश पीएम ने यूक्रेन के पीएम से रूस का मुकाबला करने को कहा।

बीबीसी और पश्चिमी मीडिया खबरों के अनुसार, नाटो सैन्य संगठन रूस के खिलाफ़ आर्टिकल 4 का उपयोग कर सकता है और रूस के खिलाफ़ एक जंग की शुरुआत कर सकता। यह भी हो सकता है कि नाटो देश यूक्रेन को नाटो का सद्स्य देश घोषित कर दें और इस तरह भी जंग में नाटो देश शामिल हो सकते हैं।

आर्टिकल 4

नाटो का आर्टिकल 4 में साफ़ लिखा है कि किसी भी नाटो सद्स्य की क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता  और सुरक्षा पर खतरा होता है। तो सभी नाटो देश उस खतरे का मिलकर सामना करेंगे।

यूक्रेन रूस युद्ध में भारतीय 18000 से ज्यादा विद्यार्थी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। भारत सरकार की पहली प्राथमिकता भारतीय स्टूडेंट्स को यूक्रेन से सुरक्षित बाहर निकालने की होनी चाहिए। भारत को बिना दबाव में आए भारतीय लाभ को देखना चाहिए। हमें न तो रूस और न ही अमेरीका का पक्ष लेना चाहिए। क्योंकि इसमें अमेरिका और रूस दोनों दूध के धुले नही हैं। 

Post a Comment

Previous Post Next Post