संयुक्त राष्ट्र संघ दुनिया में कहां खड़ा। World Affairs in hindi

संयुक्त राष्ट्र जिसका शाब्दिक अर्थ " देशों का संघ" होता है। जहां छोटा या बड़ा देश सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। दुनिया का हर व्यक्ति जानता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित है। इस भवन ऐतिहासिक महत्व बहुत ज्यादा है। संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में 7 महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य हैं।

यूनाइटेड नेशंस

1.यूएन मुख्यालय के लिए भूमि दान दी

संयुक्त राष्ट्र संघ, जिसकी स्थापना सेकंड वर्ल्ड वॉर की विनाश लीला को देखकर दुनिया के बड़े देशों ने युद्ध से बचने के लिए एक संघ बनाया। जिसको हम आज अंग्रेजी में यूनाइटेड नेशंस कहते हैं। क्या आप जानते हो कि आज यूएन का मुख्यालय जिस जगह पर बना है। उस जगह को किसने दान दी। संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में है। जिसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुईं थी। यूनाइटेड नेशंस के लिए भूमि जॉन डी रॉकफेलर ने दी थी। जिसको बनाने में अमेरिकी सरकार ने सहायता की थी। हालाकि यह बिल्डिंग न्यूयॉर्क शहर में स्थित है। लेकिन इस जगह को अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।

2.संयुक्त राष्ट्र संघ भूमि का सौदा

संयुक्त राष्ट्र संघ कुल 18 एकड़ में फैला हुआ है और इस भूमि को 1945 में 8.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा गया था। उस समय इस भूमि के मालिक जॉन डी रॉकफेलर थे। जिन्होंने कम दाम पर इस भूमि को यूनाइटेड नेशंस के लिए दे दी। इस भूमि को दान देते समय कहा था कि मैं और मेरा परिवार आज आत्मसंतुष्टि प्राप्त कर रहा है। क्यों कि इस भूमि का इस्तेमाल दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए होगा।

3. संयुक्त राष्ट्र संघ की सरंचना

संयुक्त राष्ट्र संघ कुल 15 संस्थाओं का एक संघ है। लेकिन इनमें 6 महत्व पूर्ण हैं। इनमें पांच तो संयुक्त राष्ट्र संघ में ही स्थित हैं।

1. यूएन महासभा

2. सुरक्षा परिषद, 

3. आर्थिक और सामाजिक परिषद,

4. ट्रस्टीशिप परिषद 

5. सचिवालय 

6. अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस

संयुक्त राष्ट्र संघ का छठवा भाग अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस जेनेवा के हेग में स्थित है।

4.यूएन की भाषा

संयुक्त राष्ट्र संघ की कुल ऑफिशियल भाषाएं 6 हैं। जिनमें अरबी, अंग्रेजी, फ्रेंच, चाइनीज, स्पेनिश और रसियन भाषाएं हैं। इन्हीं भाषाओं में संयुक्त राष्ट्र संघ में अनुवाद किया जाता है। इनमें फ्रेंच और अंग्रेजी को संयुक्त राष्ट्र संघ में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया में अंग्रेज़ी को दुनिया की भाषा भी कहा जाता है।

5. संयुक्त राष्ट्र संघ पर नियंत्रण

संयुक्त राष्ट्र संघ पर नियंत्रण यूएन सेक्रेटरी जनरल का होता है। इस समय यूएन सेक्रेटरी जनरल पुर्तगाल के राजनीतज्ञ एंटोनियो गुटेरस हैं। इनके नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र संघ का काम होता है कि दुनिया में कैसे शांति बनाए रखनी है। इनको पहली बार यूएन सेक्रेटरी जनरल 1 जनवरी 2017 को चुना गया था और फिर दूसरी बार 8 जून 2021 को चुन लिया गया था। यूएन सेक्रेटरी जनरल का कार्यकाल 5 वर्षों के लिए होता है। जिसको सभी सदस्य देशों की सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है।

6. यूएन सुरक्षा परिषद 

संयुक्त राष्ट्र संघ की सबसे शक्तिशाली अंग सुरक्षा परिषद है। जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में शांति और सुरक्षा बनाये रखना होता है। यूएन सुरक्षा परिषद के पांच सबसे शाक्तिशाली, जिनको हम स्थाई सदस्य भी कहते हैं। ये पांच देश हैं।

1. अमेरिका

2. ब्रिटेन

3. फ्रांस

4. चीन

5. रूस

इसके अलावा 10 अस्थाई सदस्य देश भी संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद में शामिल होते हैं। हालाकि इनका चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2 वर्षों के लिए होता है। 

7. संयुक्त राष्ट्र संघ में कुल सदस्य देश

संयुक्त राष्ट्र संघ में इस समय कुल 193 सदस्य देश शामिल हैं। जिसमें आखिरी 193 वा देश दक्षिणी सूडान है। जिसको 2011 में संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा स्वतन्त्र देश के रूप मान्यता दी गई थी। इसमें वैटिकन सिटी और फिलिस्तीन को एक देश के रूप में मान्यता नहीं दी गई है।

भारत संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य 30 अक्टूबर 1945 में ही बन गया था।इस समय भारत ब्रिटिश शासन से आजाद भी नहीं हुआ था। वर्तमान समय में भारत के संयुक्त राष्ट्र संघ में राजदूत टीएस त्रिमूर्ति जी हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ एक अयोग्य संस्था

आज संयुक्त राष्ट्र संघ एक विफल संस्था बन चुकी है। इसको हम दुनिया का रक्षक जरूर कहते हैं। लेकिन यह ऐसा ही है कि एक गीदड़ को जंगल का शेर बना दिया हो। यूएन ईराक, लीबिया, सीरिया और अफ़ग़निस्तान की वॉर नही रोक सका। इराक और सीरिया युद्ध में 15 लाख से ज्यादा लोग मारे गए और करोड़ों लोग विस्थापित हुए। 

अब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया और एक महाजंग चल रही है। इसको भी यूएन रोक नहीं पा रहा है। रूस युक्रेन में अपनी मनमानी कर रहा है। जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि रूस अपनी ताकत का नाजायज तरीके से फायदा उठा रहा है।


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