ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए योग, ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के घरेलू उपाय ।। world affairs Prashant Dhawan with og24c daily haunt

कुर्मासन (kurmasan Yoga pose)  भारतीय वैदिक भाषा संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है। जिसमें कुर्मा शब्द का अभिप्राय कछुआ से है अर्थात इसमें योग करते वक्त शरीर एक "कछुए की आकृति" बना लेते हैं और आसन का मतलब "मुद्रा या अवस्था" से है।


इसको इंग्लिश में Tortoise Pose भी कहते हैं और इसे हम कछुआ योगासन भी कह सकते हैं। क्यों कि जिस तरह से एक कछुआ की आकृति होती है वैसी ही आकृति इस योग को करते वक्त बनती है। 


कुर्मासन योग की क्रिया विधि 

  1. सबसे पहले एक समतल और स्वच्छ भूमि पर एक मुलायम चटाई पर बैठ जातें हैं। 
  2.  दोनों टांगों को आगे की ओर फैला कर बैठते हैं अर्थात दोनों टांगों को एक दूसरे से दूर करते हैं।
  3. दोनों जांघों के बीच से मुँह की ठुड्डी और छाती को भूमि पर लगातें हैं और हवा को धीरे धीरे अंदर लेते हैं।
  4. अब दोनों हाथों को दोनों जांघों के नीचे से निकालकर पीछे की ओर लातें हैं और हाथों को स्वतंत्र अवस्था में छोड़ देते हैं।
  5. पूंछ की हड्डी (Tailbone) पीछे की ओर रखतें हैं।
  6. रीढ़ को थोड़ा सीधा करने का प्रयास करते हैं।
  7. कंधों को कान से दूर और मुलायम अवस्था में रखतें हैं
  8. टखने लचीले होने चाहिए और पैर की अंगुली सक्रिय तथा फैली अवस्था में हो।
  9. घुटने के कैप (Kneecaps) थोड़ेे  उठी हुईं अवस्था में होने चाहिए और इनके नीचे से दोनों हाथ निकले हुए होने चाहिए।
  10. योग की क्रिया पूर्ण हो जानें के बाद पुनः प्रारम्भिक अवस्था में धीरे धीरे आते हैं।

कुर्मासन योग करने के फायदें 

1. यह पेट में होने वाली अपच, कब्ज और गैस की समस्या को दूर करता है। भारत में ज्यादातर लोगों को पेट की समस्यायें होती हैं।

2. यह पेट के अंगों को उत्तेजित करता है और उनमें रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है जिससे पाचन तंत्र में सुधार होता है और भोज्य पदार्थों का पाचन अच्छी तरह से हो जाता है। 

रीढ की हड्डी में लाभदायक

1. इससे रीढ की हड्डी में होने वाला दर्द ठीक होता है और रीढ की हड्डी में खून के प्रवाह की दर बड़ जाती है।

2. रीढ की हड्डी में सुधार से मस्तिष्क अपना काम बिना किसी बाधा के कर पाता है। क्यों कि सभी लोगों का तंत्रिका तंत्र रीढ की हड्डी से ही चलता है।

मानसिक तनाव के लिए लाभदायक 

1 कुर्मासन योग को करने से लोगों के मानसिक तनाव कम कमी आती है और मस्तिष्क को शांति तथा शीतलता का प्रदान होती है।

2. इस योग से लोगों के गुस्सें में कमी आती हैं और मानसिक चेष्टा और धैर्य में वृद्धि होती है।

कुर्मासन योग के अन्य लाभ 

1. मधुमेह रोगियों के लिए यह लाभदायक होता है।

2. इस योग से कंधों के और गर्दन दर्द से छुटकारा मिलता है।

3. इसको अगर महिलाएं करती हैं तो उनके गर्भाशय की मासपेशियों में सुधार होता है।

4. कूल्हों की गतिशीलता में सुधार करता है।

कुर्मासन योग करने में सावधानियों 

1. इस योग को शरीर से मोटे लोगों को बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए।

2. गर्भवती महिलाओं को भी इस योग को नही करना चाहिए।

3. इस योग को कमर में दर्द या कूल्हे में दर्द के दौरान भी नहीं करना चाहिए। 

4. इस आसन को महिलाओं को मासिक चक्र के दौरान नहीं करना चाहिए।

5. रीढ की हड्डी में दर्द होने पर इस योग को करने से बचना चाहिए।

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