आखिर अमेरिका यूक्रेन छोड़ कर भाग गया, पूरे यूक्रेन को रशिया के हवाले कर दिया जोए बाइडेन ने। World Affairs update in hindi today

अमेरिका के राष्ट्रपति जोए बाइडेन ने अफगानिस्तान की तरह यूक्रेन मुद्दे पर भारी गलती कर दी। इस मुद्दे पर वह पूरी तरह से बिफल साबित हुए हैं। अब तो अमेरिका ने यूक्रेन से अपना दूतावास भी कीव से पोलैंड में हस्तांतरण कर लिया। अमेरिका ने दूतावास शिफ्ट का कारण असुरक्षा बताया। जबकि अभी सभी देशों के दूतावास यूक्रेन की राजधानी कीव में ही हैं। 

क्रेडिट ट्वीटर

सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के रूसी समर्थक डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दे दी। उन्होंने सोमवार को अपने भाषण के दौरान कहा कि यूक्रेन को अलगाववादी क्षेत्रों में अपने सैन्य अभियान बंद कर देने चाहिए। 

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यूरोपीय संघ और अमेरिका सहित उसके सभी मित्र राष्ट्रों ने रूस के कदम का विरोध किया। यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रशियन कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून, यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और मिन्स्क समझौतों का "स्पष्ट" उल्लंघन बताया। 

1994 बूडापेस्ट मेमोरेंडम

मिन्स्क समझोते के अंतर्गत रूस ने यूक्रेन से सोवियत संघ के सभी परमाणु हथियार  वापस ले लिए थे। इसके बदले में रूस ने यूक्रेन की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा किया। लेकिन यूक्रेन की यही गलती उसी पर भारी पड़ रही है। क्योंकि अब रूस ही उसे खत्म करने पर तुला है। अगर यूक्रेन के पास परमाणु हथियार होते। तो रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला करने की सोच नहीं सकता था।

हालाकि अभी भी यूक्रेन के पास परमाणु हथियार बनाने की योग्यता है। क्योंकि उसने रूस को सिर्फ परमाणु हथियार वापस किए थे। परमाणु हथियार बनाने की तकनीक पूरी तरह खत्म नहीं की थी। इसके अलावा यूक्रेन के पास योग्य वैज्ञानिक हैं जो थोड़े समय में ही परमाणु हथियार बना सकते हैं। किंतू यूक्रेन के परमाणु हथियार बनाने से पहले ही रूस यूक्रेन को दुनिया के नक्शे से खतम भी कर सकता है।

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