भारत सरकार ने चीनी ड्रोन पर सदा के लिए प्रतिबंध लगाया, भारत के कई बिलियन डॉलर चीन चले गए। डीजेआई का जीवन परिचय। World Affairs

भारत सरकार ने ड्रोन आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। केवल रक्षा और रिसर्च से संबंधित ड्रोन्स के आयात की छूट दी गई है। इनको आयात करने के लिए सरकार की इजाजत लेनी पड़ेगी। तभी कोई संस्थान विदेश से ड्रोन आयात कर सकता है। 


भारत सरकार ने पूर्ण निर्मित ड्रोन(सीबीयू), पूरी तरह से नॉक डाउन (सीकेडी) और इस्मी नॉक डाउन (एसकेडी) रूपों में किसी भी ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। इसमें "रक्षा, सुरक्षा और अनुसंधान और विकास के उद्देश्यों के लिए" आयातित ड्रोन के लिए अपवाद रखा गया है। यह ड्रोन विदेशों से आयात किए जा सकते हैं। 

सरकारी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास संस्थाओं को विदेश व्यापार महानिदेशालय से आयात प्राधिकरण प्राप्त करने के बाद CVU, SKD और CKD रूप के ड्रोन आयात करने की अनुमति दी जाएगी । इसी माध्यम से अनुसंधान एवं विकास के लिए ड्रोन आयात करने के इच्छुक ड्रोन निर्माता भी सरकार की इजाजत से ड्रोन आयात कर सकते हैं।

भारत दुनिया में ड्रोन आयात पर टॉप पायदान पर

भारत दुनिया में ड्रोन आयात के मामले में टॉप पायदान पर आता है। भारत ने 1.85 से 2014 तक दुनिया के 22.5% अनमैंड एरियल व्हीकल (UAV) खरीदे हैं। यूएवी को हवा में पायलेट के उड़ने वाला व्हीकल कहा जाता है। जिसका प्रयोग सर्वे करने में, कॉम्बैट मिशन और सूचनाओं को इकठ्ठा करने में किया जाता है। 

ड्रोन आयात पर प्रतिबंध से सीधे चाइना को झटका

हम यहां पर कह रहें हैं कि भारत ने चीन के ड्रोन आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। हालाकि इसमें सबसे बड़ी सच्चाई है कि भारत ने पूरी दुनिया से आयतित होने वाले ड्रोन पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन ड्रोन आयात का 70% हिस्सा चीन को जाता था।

क्योंकि चीन की एक विश्व प्रसिद्ध ड्रोन निर्माता कंपनी डीजेआई (Da Jiang Innovation) है। जो ड्रोन के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी कंपनी है और विश्व में ड्रोन निर्यात का 70% हिस्सा इसी कंपनी के पास है। इसके ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल कैमरा ड्रोन तकनीक का व्यापक रूप से संगीत, टेलीविजन और फिल्म उद्योगों में किया जाता है।  डीजेआई के ड्रोन का उपयोग पुलिस और सैन्य बलों के अलावा आतंकी संगठन भी कर रहे हैं।

डीजेआई पर अमेरीकी प्रतिबंध

अमेरिका ने उइगुर मुस्लिमों के अत्याचार को लेकर दिसंबर 2021 में डीजेआई पर प्रतिबंध लगा दिया।  इस प्रतिबंध को लेकर अमेरिका के द ट्रेजरी विभाग ने कहा कि कंपनी पर उइगर नरसंहार में सहयोग  चीन की सहायता कर रही है। इस प्रतिबंध के बाद अमेरिका का कोई भी व्यक्ति डीजीआई में निवेश नहीं कर सकता और न ही कोई शेयर खरीद सकता है।

भारत में पीएलआई योजना के तहत् ड्रोन निर्माण

केंद्र सरकार यह बात अच्छी से समझ गई है कि भारत में ड्रोन का उपयोग बड़े पैमाने पर होने जा रहा है और अगर ड्रोन निर्माण को प्रोत्साहित नहीं किया गया। तो कई बिलियन डॉलर देश से बाहर चले जायेंगे और लाखों नौकरियों के सृजन से भी हाथ धो बैठेंगे। सरकार ने अनुमान लगाया है कि अगले तीन वर्षों में भारत का ड्रोन बाजार 30,000 करोड़ रूपए तक पहुंच जायेंगे और इससे लगभग 5 लाख नौकरियां भी पैदा होगी। देश में ही ड्रोन निर्माण के लिए सरकार ने सितंबर 2021 में एक पीएलआई योजना का ऐलान किया था। 

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