पश्चिम बंगाल नया कश्मीर बन रहा, बीरभूम में 10 लोगों को जिंदा जला दिया गया, उल्टे ममता बनर्जी राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर भड़की।

पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। हर तरफ़ आतंक का माहौल है। लोगों की जिंदगी बेहद छोटी वस्तु बन चुकी है। आज पश्चिम बंगाल से ऐसी ख़बर आई है। जिससे हर भारत वासी का खून खौल रहा है और तस्वीरें देख कर बड़ा गुस्सा आ रहा। 


आज सुबह सुबह पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में 10 लोगों को उनके घरों के कमरों में जिंदा जला दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 22 मार्च की रात को 10 से 12 घरों में आग लगा दी गई थी। जिसमें 10 लोगों को जिंदा जला दिया गया।  अकेले एक घर से ही 7 जली हुई लाशें मिली। प्रशासन का कहना है कि यह सब टीएमसी नेता बहादुर शैख की हत्या के बाद हुआ है।

ममता बनर्जी उल्टे राज्यपाल पर भड़की

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बीरभूम हिंसा पर कहा कि भयावह हिंसा और आगजनी का तांडव रामपुरहाट बीरभूम इंगित करता है कि राज्य हिंसा संस्कृति और अराजकता की चपेट में है। पहले ही आठ लोगों की जान जा चुकी है। मुख्य सचिव से घटना पर तत्काल अपडेट मांगा है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। ।

लेकिन ममता बनर्जी उल्टे राज्यपाल पर ही भड़क उठी और बोली कि आप पश्चिम बंगाल की घटनाओं पर बोलते हो। जबकि दूसरे राज्यों की घटनाओं पर चुप रहते हो। ममता बनर्जी जिस तरह व्यहार कर रहीं हैं। वह बेहद खतरनाक साबित होने बाला है। क्योंकि वह राज्य की सीएम और गृह मंत्री दोनों हैं। वहां सरकार उनकी है और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की  सरकार की है।

लेकिन ममता बनर्जी ने अपनी हिंसा को अपने शासन का अभिन्न अंग बना लिया है। जिस तरह से वर्तमान में पश्चिम बंगाल राजनीतिक हिंसा की आग में जल रहा है। वह भारत जैसे लोकतान्त्रिक देश के ऊपर एक काला धब्बा है। पश्चिम बंगाल में विपक्ष नाम का कुछ नहीं है। जिसका कारण टीएमसी के गुंडे हैं। क्योंकि कांग्रेस, बीजेपी या सीपीएम के लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। जब राज्य में खुलेआम राजनीतिक कत्लेआम आम होगा तो विपक्ष अपनी जिम्मेदारी कैसे निभा सकता है।

गृह मंत्रालय बीरभूम की आगजनी की घटना पर हरकत में आ गया और उसने पश्चिम बंगाल की सरकार से 72 घंटो में रिपोर्ट तलब की है। 

कांग्रेस और बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आतंक बढ़ता जा रहा। बीरभूम ज़िले की घटना पर कांग्रेस नेता अधिरंजन चौधरी ने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल में आर्टिकल 355 की अनुसंशा करता हूं। पश्चिम बंगाल में कानून और शासन व्यवस्था बेहद खराब हो गई है। लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।


बीजेपी नेता शुवेंदु अधिकारी ने भी पश्चिम बंगाल में कानून और शासन व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंने पिछले सप्ताह से अब तक  26 लोग मारे जा चुके हैं। केंद्र सरकार को राज्य में हस्तक्षेप करना चाहिए और आर्टिकल 356 का प्रयोग कर राष्ट्रपति शासन  पश्चिम बंगाल में लगाया जाना चाहिए या आर्टिकल 355 का प्रयोग कर केंद्र कानून व्यवस्था और पुलिस को अपने नियन्त्रण में ले।


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