भारत ने पहली बार रूस के खिलाफ़ आईसीजे में वोट किया, रूस पर हमले तुरंत रोकने को कहा

भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ में हमेशा यूक्रेन रूस मामले पर तटस्थ भाव बनाए रखा। अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत रूस के खिलाफ़ नहीं गया। उसने संयुक्त राष्ट्र की महासभा और सुरक्षा परिषद में रूस के खिलाफ़ वोट न करके अनुपस्थित रहना ठीक समझा। 

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय

किंतू अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में भारत के पास अनुपस्थित रहने का विकल्प नहीं था। इसलिए भारत के न्यायाधीश दलवीर सिंह भंडारी ने रूस के खिलाफ़ अपना निर्णय सुनाया। उनका निर्णय भी आईसीजे के 15 में से 13 न्यायधीशों के समान आया। इसमें चीन और रूस के न्यायधीशों ने यूक्रेन पर सैनिक कार्यवाई सही ठहराई है।

यूक्रेन ने रूसी हमले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में लेकर गया था। उसने कोर्ट से रूसी हमले रुकवाने के लिए गुजारिश की थी। लेकिन रूस ने इस मामले पर अपना कोई वकील ही कोर्ट के सामने पेश नहीं किया। रूस ने कोर्ट के आदेश को मानने से इंकार कर दिया। जबकि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को सभी देशों को मानना होता है। हां यह भी सच्चाई है कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के पास अपना आदेेश मानने के लिए कोई शक्ती भी नहीं है। 

भारत सरकार का पक्ष

भारत सरकार का आईसीजे मसले पर स्टैंड आ गया। सरकार ने कहा कि भारत अपने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीश दलवीर सिंह भंडारी पर दबाव नही डालता है। उनको भारत की ओर से आईसीजे में भेजा जरूर जाता है। किंतू भारत सरकार उन पर कोई दबाव नहीं डालती है। वह अपना निर्णय देने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र रहते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के बारे में

आईसीजेInternational Court of Justice
सामान्य नामवर्ल्ड कोर्ट
स्थापना1945 ( 1946 में पीसीआईजे भंग)
क्षेत्राधिकार193 देश
स्थितद हेग, नीदरलैंड
अधिकृत या हिस्सासंयुक्त राष्ट्र चार्टर व आईसीजे कानून द्वारा
न्यायाधीश सेवा अवधि9 वर्ष
पदों की संख्या15
वेबसाइटwww .icj-cij .org
वर्तमान अध्यक्षजोआन डोनोग्यू, अमेरीकी, 8 फरबरी 2021 से अब तक
वर्तमान में उपाध्यक्षकिरिल गेवोर्गियन, रूसी, 8 फरबरी 2021 से अब तक
न्यायधीशों का चुनावयूएन महासभा और सुरक्षा परिषद द्वारा
विशेषताICJ संयुक्त राष्ट्र का एकमात्र प्रमुख अंग है जो न्यूयॉर्क शहर में स्थित नहीं है
अधिकारिक भाषाएंअंग्रेजी और फ्रेंच
पहला मामला दर्ज22 मई 1947 को
कुल मामले देखें लगभग 182
आईसीजे मामलों के उदाहरण1.एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा कथित तौर जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आधार पर पर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव दी गई मौत की सजा के खिलाफ़ भारत गणराज्य द्वारा शिकायत
2.1980 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आईसीजे में एक शिकायत, कारण ईरान द्वारा अमेरिकी राजनयिकों को हिरासत
भारत आईसीजे मेंपहला न्यायधीस
 •सर बेनेगल नरसिंह रौस , 1952 से 1953 तक
•इंडिया नागेंद्र सिंह, 1973 से 1988 तक •इंडिया रघुनंदन स्वरूप पाठक, 1989 से 1991 तक
 •इंडिया दलवीर भंडारी , 2012 से अब तक

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