मानव ब्रह्मांड के कितने% हिस्से को देख सकता है?

मानव सभ्यता ने ब्रह्मांड के बारे में बहुत कुछ जानकारी हासिल कर ली है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मानव ब्रह्मांड के 5% हिस्से को ही देख पा रहा है। अर्थात् हम धरती से 5% ब्रह्मांड को ही देखते हैं।

ब्रह्मांड की संरचना

ब्रह्मांड का 68% हिस्सा डार्क ऊर्जा से बना हुआ है और 27% डार्क पदार्थ से बना हुआ। ये दोनों हिस्से हमारी आंखों के लिए अदृश्य हैं। यहां तक कि टेलिस्कोप से भी इस हिस्से को देखा नही जा सकता है।

एक पल्सर स्टार क्या होता है?

एक पल्सर तारा अत्यधिक चुंबकीय घूर्णन वाला एक न्यूट्रॉन तारा होता है, जो अपने चुंबकीय ध्रुवों से विद्युत चुम्बकीय विकिरण के बीम उत्सर्जित करता है। इसके विकिरण को तभी देख पाना संभव है जब इसकी उत्सर्जन की किरण पृथ्वी की ओर गति करें।

एक पल्सर तारा तभी बनता है, जब एक विशाल तारा ढह जाता है। इससे तारे की ईधन की। आपूर्ति समाप्त हो जाती। यह ब्रह्मांड में सबसे शक्तिशाली और बेहद खतरनाक विस्फोट को अंजाम देता है। यह एक सुपरनोवा के रूप में ब्रह्मांड में फट जाता है।

पल्सर की ख़ोज प्रोफेसर डेम जॉक्लिन बेल बर्नेल ने 1967 में की थी। उन्होंने यह उपलब्धि न्यू हॉल (अब मरे एडवर्ड्स कॉलेज) में स्नातकोत्तर में की थी। पल्सर तारे का क्षेत्रफल मात्र 20 (12 मील) होता है।

एक नेबुला क्या होता है?

नेबुला अंतरिक्ष में धुल और गेसों का एक बादल होता है। कुछ नेबुला मारे हुए तारों की। गंध से आतें हैं। जैसे एक पल्सर सुपरनोवा तारा होता है।

हालाकि अधिकतर नेबुला धूल और गैसों से बने होते हैं। जिनसे अनेक तारें बनते हैं। इसलिए नेबुला अंतरिक्ष में एक विशाल बादल होता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post