यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा संयंत्र के फटने से पूरा यूरोप तबाह हो सकता, ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र गोलीबारी से बच गया

आज सुबह न्यूज आई कि रूस ने यूक्रेन और यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर गोलीबारी की। इस विषय पर यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने वीडियो जारी कर कहा," रूसी सैनिक एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर गोलीबारी कर रहे हैं," उन्होंने दावा किया कि रूसी टैंको ने ज़ापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र में गोली मार दी थी। 




राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस के अलावा कोई भी देश परमाणु संयत्र पर खुली गोलीबारी नही करता है। यह मानव इतिहास में पहली बार है कि एक आतंकवादी देश परमाणु आतंक को बहाल करना चाहती है। यूरोप को तुंरत कार्यवायीं करनी चाहिए।

यूक्रेन के राष्ट्रपति के वीडियो के बाद पश्चिमी मीडिया ने अपनी रिपोर्टिंग में बताया कि संयंत्र में आग लगी थी। लेकिन बाद में पता चला कि आग परमाणु ऊर्जा संयंत्र के एक प्रशिक्षण भवन में लगी थी। इससे साफ़ हो जाता है कि पश्चिमी मीडिया छोटी बात को हजार गुना बढ़ा चढ़ाकर कह रही है। 


व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस के एक बयान के अनुसार, बाइडेन ने ज़ेलेंस्की को "ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आग पर एक जानकारी प्राप्त करने के लिए" कहा और दोनों ने राष्ट्रपति ने "रूस से क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों को रोकने और अग्निशामकों और आपातकालीन उत्तरदाताओं को साइट तक पहुंचने की अनुमति देने का आग्रह किया।  

हालाकि अब रूस ने यूरोप के इस सबसे बडे़ परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अपना कब्ज़ा कर लिया और ज़ापोरिज़्ज़िया संयत्र के प्रशिक्षण भवन में लगी आग को बुझा दिया गया। इससे पहले रूस ने सुरक्षा कारणों से चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र को कब्जे में कर लिया था।  


ब्रिटिश पीएम ने यूएनएससी की मीटिंग बुलाई

ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर गोलाबारी को गंभीरता से लेते हुए। उन्होंने इस पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तुरंत मीटिंग बुलाने का आहवान किया। 

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अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी

ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर गोलाबारी के विषय में IAUA ने कहा है कि डरने वाली कोई बात नहीं है। परमाणु ऊर्जा संयंत्र के महत्वपूर्ण उपकरणों में कोई क्षति नहीं पहुंची है। 

ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बारे में

•ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा यूरोप का सबसे बड़ा संयंत्र है। जिसमें कुल शाक्तिशाली 6 परमाणु रिएक्टर लगे हुए हैं।

•यह दक्षिणपूर्वी यूक्रेन में एनरहोदर शहर के पास और नीपर नदी पर काखोवका जलाशय के दक्षिणी किनारे पर है। अगर इस प्लांट से रेडियोएक्टिव पदार्थ का उत्सर्जन होता है तो वह नदी के द्वारा बहुत बड़े क्षेत्र में फैल सकता है। जिससे लाखों की तादात में लोग हताहत होगें।

•सोवियत निर्मित संयत्र से 5700 मेगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पन्न होती है। जिस पर अब रूस का कब्ज़ा हो चुका है।

•यह पॉवर प्लांट वर्ष में 38000 मेगावॉट बिजली का उत्पादन करता है। 

•इसमें बिजली उत्पादन के लिए यूरेनियम 235 का प्रयोग किया जाता है।

•इसके पांच रिएक्टर से 1985 में बिजली उत्पादन शुरू किया गया और अंतिम छठवें को सोवियत संघ के विघटन के बाद 1995 में स्थापित किया गया।


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ज़ापोरिज़्ज़िया के फटने से क्या हो सकता?

अगर ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र फट जाता। तो यह चेरनोबिल आपदा से बड़ी आपदा आपदा लेकर आता। हजारों लाखों लोग मारे जाते। धरती पर मानव इतिहास की सबसे बड़ी आपदा साबित हो सकती है।

इस पर यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि यदि इस संयंत्र में विस्फोट हो जाता है, तो इसका नतीज़ा चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आपदा से 10 गुना बड़ा हो सकता है।

इसके अलावा पुरा यूरोप इसकी जद में आता और इसके विकिरण से प्रभावित होता। धरती के आसमान में धुआं का गुब्बार पूरे वायुमंडल में फैल जाता। जिससे धरती पर प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि होती।

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