संयुक्त अरब अमीरात को रूस का समर्थन करना भारी पड़ा, यूएस और पश्चिमी देशों ने यूएई को FATF की ग्रे लिस्ट में डाला

आज 5 मार्च 2022 को एक बहुत बड़ी समाचार आई, जिसका किसी को अनुमान भी नहीं था। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने संयुक्त अरब अमीरात को अपनी ग्रे लिस्ट में डाल दिया। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूएई को रूस का समर्थन करना अमेरिका और पश्चिमी देशों को नागवार गुजरा।

इमेज़ क्रेडिट FATF

जबकि यूएई भारत और चीन की तरह निष्पक्ष रहा था। उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में न तो रूस के खिलाफ़ और न ही यूक्रेन के खिलाफ़ वोट किया था। उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और पश्चिमी देशों का अनुसरण नहीं किया। इससे यूएस और सभी पश्चिमी देश यूएई से नाराज़ हो गए।

लेकिन यह भी सच्चाई है कि संयुक्त अरब अमीरात पर FATF की तलबार बहुत पहले से लटक रही थी। क्योंकि यूएई में बहुत बड़े पैमाने पर काले धन को वैध बनाना का धंधा चल रहा था। यह धंधा कई दशकों से चला आ रहा था। 

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इसका सबसे बड़ा कारण था कि वहां कोई भी व्यक्ति बिना सरकारी कर दिए अपनी कंपनी खोल सकता था। जिसका अपराध से जुड़े लोगों ने खूब फायदा उठाया। लोगों ने बड़े स्तर पर जाली कंपनियां खड़ी की। फिर इन कंपनियों की सहायता से आंतकवाद धन मुहैया कराने और काले धन को सफेद बनाने का खेल चला।

तुर्की , पाकिस्तान और यूएई

तुर्की और पाकिस्तान पहले से ही  FATF की ग्रे लिस्ट में हैं। अब संयुक्त अरब अमीरात भी एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल हो चुका है। पाकिस्तान बहुत वर्षों से ही FATF की ग्रे लिस्ट में है और पता नहीं वह कब तक ग्रे लिस्ट में रहेगा। अब यूएई की सरकार की समस्याएं बढ़ने वाली हैं। क्योंकि इन्होंने भारत और चीन की तरह तटस्थ रहना चाहा। भारत और चीन दो बड़े राष्ट्र हैं, ये दोनों अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबाव झेल सकतें हैं। किंतू यूएई एक छोटा देश है। वह रूस विरोधी शाक्तिशाली देशों का सामना नहीं कर सकता।

यूएई को  एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डालने के अन्य कारण

•यूक्रेन मामले में यूएई का यूएस और पश्चिमी देशों को समर्थन न देना। यह एक प्रमुख कारण एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में जाने का प्रमुख कारण हो सकता है। क्योंकि इसी समय ही क्यों यूएई को ग्रे लिस्ट में डाला गया। जबकि एफएटीएफ यूएई को चेतावनी बहुत पहले से ही दे रहा है।

•दूसरा कारण यूएई द्वारा अमेरिका से एफ 35 लड़ाकू विमान की डील रद्द करना।

•यूएई का चीनी लड़ाकू विमान खरीदने का प्रयास करना।

हालाकि यह बात पाकिस्तान के लोग कह रहें हैं कि क्योंकि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में आतंकवाद का स्वर्ग बन चुका है। वहां दुनिया के खतरनाक आतंकी खुले घूम रहे हैं।

यूएई ने देश में वित्तीय अपराध को स्वीकार किया

संयुक्त अरब अमीरात ने अपने देश में हो रहे वित्तीय अपराध को स्वीकार किया है। इसलिए  यूएई ने इतिहास में पहली बार कॉर्पोरेट कर लगाने का ऐलान किया। इस विषय पर यूएई ने कहा है कि वह अपने देश से वित्तीय अपराधों को खत्म करने के कदम उठा रहा है। वह सभी गैरकानूनी वित्तीय समूह को पहचान रहा और उन्हे दंडित कर रह है।

FATF क्या है?

•FATF का पूर्ण नाम फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स है, जो पूरी दुनिया में वित्तीय लेन देन पर निगाह रखती है। ताकि किसी भी देश से मनी लांड्रिंग का धंधा न चल सकें।

• The Financial Action Task Force (FATF) की स्थापना जुलाई 1989 में पेरिस शिखर सम्मेलन में जी 7 समूह द्वारा हुई थी। 

• इसका मुख्यालय भी फ्रांस की राजधानी पेरिस में ही मौजूद है।

• FATF की पिछली बैठक 21 अक्टूबर 2021 को हुई थी, जिसमें पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही शामिल रखना जारी रखा।

• यूक्रेन पर आक्रमण करने के कारण रूस की सदस्या को फ़्रीज़ कर दिया गया। यूएस और पश्चिमी देश रूस को FATF से बाहर निकाल देना चाहतें हैं।

• इस समय FATF में 39 सद्स्य देश हैं, जिनमें यूएस, भारत, रूस और चीन जैसे सर्वशक्तिशाली देश भी शमिल है और अगर रूस को FATF से निकाल दिया जाता है। तो सदस्यों की संख्या 38 ही रह जायेगी।

• उत्तर कोरिया और ईरान दो देश फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की काली सूची में शामिल हैं।

वर्तमान में ग्रे सूची में शामिल देश

FATF की वर्तमान बैठक 5 मार्च 2022 को हुई थी। जिसमें कुछ नए देशों को शामिल किया गया। 1.ग्रेलिस्टेड, अल्बानिया,बारबाडोस, बुर्किना फासो, कंबोडिया, केमैन, टापू, जमैका, जॉर्डन, हैती, माल्टा, माली, मोरक्को, म्यांमार (बर्मा), निकारागुआ, पाकिस्तान, पनामा, फिलीपींस, सेनेगल, दक्षिण सूडान, सीरिया, तुर्की, युगांडा, संयुक्त अरब अमीरात, यमन, जिम्बाब्वे। इसके अलावा दो देश काली सूची में शामिल हैं।

1. उत्तर कोरिया

2. ईरान



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